संस्कृत साहित्य के प्रमुख कवि तथा ग्रन्थ

इस लेख में प्राचीन भारत के प्रमुख कवि , नाटककार और लेखकों के साथ-साथ उनकी रचनाओं का संक्षिप्त विवरण देने का प्रयास किया गया है ।

प्राचीन भारतीय साहित्य

भारत का प्राचीन साहित्य बहुत विशाल है । इस लेख में मैंने कुछ रचनाओं को साररूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है जिनका साहित्यिक , सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व है । इसमें हमने ब्राह्मण साहित्य ( वैदिक साहित्य , वेदांग , धर्मशास्त्र , पुराण , महाकाव्य ) , बौद्ध साहित्य और जैन साहित्य को शामिल किया है ।

प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था कैसी थी ?

शिक्षा मनुष्य के सर्वांगीण विकास का साधन है। शिक्षा का उद्देश्य मात्र पुस्तकीय ज्ञान नहीं है बल्कि उसके संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास करना है शिक्षा के द्वारा व्यक्ति उत्तम आजीविका प्राप्त करता है परन्तु इसे मात्र आजीविका का साधन मानना अभीष्ट नहीं है ।शिक्षा को मात्र आजीविका का साधन माननेवालों की आलोचना की गयी है शिक्षा आजीवन चलने वाली प्रक्रिया है (यावज्जीवमधीते विप्रः)। प्राचीन काल से ही भारत में शिक्षा व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास का माध्यम है ।